Shawn

My name is Shawn. I’m South Asian-American.

My parents immigrated from India.

I identify as queer or gay.

My coming out process was in May of 2010, so last year.

I went back to California to visit my family just for the long weekend.

I knew that was going to be one of the last opportunities I’d have for awhile to come out to my parents but also not at a time like Thanksgiving where it would change the entire spotlight onto me.

I wanted to just tell them.

I just basically after breakfast just told them.

I generally don’t know if they had any idea or thought.

They were both really shocked.

It was really hard for my dad at the time especially.

Also, for my mom.

I think coming from India in the late ’60s, early ’70s not really experiencing too many…any really lgbt friends of theirs I think it made it more challenging.

Also living in San Francisco in the ’80s during the AIDS epidemic at the time was completely tragic I think.

It was a challenge.

They were scared and that was what their image was of homosexuality.

My dad wanted me to go to reconversion thereapy.

My mom kind of blamed herself…

like maybe this was because of what was happening when I was growing up?

This was not true, of course.

That was a challenging process.

And still, it’s challenging.

I’d say it’s gotten better since then.

I think for the most part it’s been more difficult to communicate my sexuality being South Asian.

I think in our South Asian community…marriage is… There’s an expectation of marriage.

A lot of focus is put on that, and a lot of pressure is put on that.

Even though my parents have never really put that sort of pressure on me, I still felt it, being a part of that community.

Even though my parents speak English fluently, I think that it’s a mentality.

It’s been challenging but it was also important for me in my coming out process to open up first to South Asian-Americans.

That’s kind of the first people that I came out to.

If I could get them to understand where I was coming from

It was just important to me to have people that look like me…understand where I was coming from.

That was an important first step for me.

I think that the Asian Pride Project is an incredibly important program.

When I was first realizing that I was queer, I was probably in 7th or 8th grade.

The internet was a place I’d turn to. A lot of people do turn to the Internet, to get out of the sense of isolation that they feel.

मैं साउत एशियन अमेरिकन हूँ

मेरे माता-पिता इंडिया से आए थे

मैं क्वियर या गे हूँ

पिछले साल May 2010 में मैने सबको बताया

एक लोंग वीकेंड पे मैं California अपने परिवार से मिलने गया

मुझे पता था कि यह मेरे लिए आखरी मौका था अपने माता-पिता को बताने का, यह समय भी Thanksgiving जैसा नही था जब सबका ध्यान मेरी तरफ होता

मई बस उनको बताना चाहता था

मैं बस नाश्ता करने के बाद उन्हे बता दिया

उनको सच में दुख हुआ

मुझे पता नही उनके इस बारे में खुच पता था या उन्होने कुछ सोचा था

खास तौर से मेरे पिता के लिए यह बहुत मुश्किल था

मेरी मा के लिए भी

मेरे ख़याल से इंडिया से 60′s-70′s मे आना, उनके lgbt दोस्त भी नही थे, इसी कारण उनके लिए यह ज़्यादा मुश्किल था

साथ ही वह 80′s में San Francisco में रहते थे, उन दीनो वहाँ AIDS की बीमारी से लोग काफ़ी दुखी भी थे

homosexuality की इसी पहचान से वह डरे हुए थे

उनके लिए यह एक चुनौती थी

मेरे पिता जी चाहते थे की मई reconversion therapy लूँ

मेरी मा खुद को दोषी मान रही थी…..

शायद  मुझे बड़ा केरते समय कुछ हुआ हो?

सच ऐसा कुछ भी नही था

यह एक चुनौती पूर्ण समय था

और आज भी है

मेरा मानना है की पहले से यह बहतेर हुआ है

मेरे ख़याल से साउत एशियन होने के कारण मेरे लिए यह और भी मुश्किल था

मेरा सोचना है की साउत एशियन कम्यूनिटी में शादी …से जुड़ी कई आशाए होती हैं

शादी पेर खास ध्यान दिया जाता है और दबाव भी

हलकी मुझ पर ऐसा कोई दबाव मेरे माता-पिता ने नही डाला था, लेकिन इस कम्यूनिटी का एक हिस्सा होने के नाते मुझे दबाव महसूस होता था

मेरे माता-पिता अच्छी अँग्रेज़ी बोल लेते हैं पर मेरे ख़याल से यह से सोच है

यह एक चुनौती थी लेकिन यह ज़रूरी भी था मेरे लिए ताकि मैं पहले साउत एशियन अमेरिकन्स को बतायु

सो मैने पहले उन्हे बताया

— ताकि मैं उन्हे समझा सकूँ —

मेरे लिए ज़रूरी था की लोग मेरे तरफ भी ध्यान दें…मुझे समझें

मेरे लिए यह बहुत ही ज़रूरी पहला कदम था

मेरी नज़र में Asian Pride Project बहुत ही ज़रूरी प्रोग्राम है

जब मुझे पहली बार महसूस हुआ कि मैं गे हूँ, तब मैं सातवी या आठ वी  कक्षा में था

मैं इंटरनेट की मदद लेता था ताकि मुझे अपने अकेलेपन से थोड़ी राहत मिल सके , बहुत से अन्या लोग भी ऐसा ही केरते हैं